नई दिल्ली। कर्नाटक के हिजाब विवाद में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह देख रहा है कि कर्नाटक में क्या हो रहा है और हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा न बनाएं, सुप्रीम कोर्ट सही समय पर हस्तक्षेप करेगा।

याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें स्कूल-कॉलेज में धार्मिक कपड़े पहनने पर रोक लगा दी थी। अपील में कहा गया था कि इससे मुस्लिम छात्राओं के अधिकार कम हुए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहना हैकि कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद ही हम इस मामले पर सुनवाई कर सकते हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की 3 जजों की बेंच ने अगले आदेश तक स्कूल कॉलेजों में धार्मिक पोशाक पहनने पर रोक लगाई थी, जिसके खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है।

सरकार के इस फैसले के बाद हुआ विवाद
कर्नाटक सरकार ने राज्य में कर्नाटक एजुकेशन एक्ट-1983 की धारा 133 लागू कर दी है। इसके तहत सभी स्कूल-कॉलेज में यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में तय यूनिफॉर्म ही पहननी होगी। वहीं, प्राइवेट स्कूल भी अपनी यूनिफॉर्म चुन सकते हैं।

हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश
कर्नाटक हाईकोर्ट की बेंच ने गुरुवार को अंतरिम आदेश सुनाया था। चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी ने कहा था कि हम संस्थान खोलने का आदेश देंगे। सब शांति बनाए रखें, जब तक इस मामले की सुनवाई हो रही है, तब तक छात्र धार्मिक वस्त्र पहनने पर जोर न दें। दरअसल कर्नाटक सरकार के ड्रेस वाले फैसले को लेकर विवाद बीते महीने जनवरी में तब शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में 6 छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री ली थी।