नई दिल्ली। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का निधन देश के लिए बड़े दुख की खबर है। इसके साथ ही चॉपर क्रैश के कारणों का पता चलने की एक बड़ी आशा धूमिल हो गई है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलिकाॅप्टर को वरुण सिंह ही उड़ा रहे थे। माना जा रहा था कि यदि वह उबर जाते हैं तो हादसे कैसे हुआ, इस बारे में वह बता सकेंगे। लेकिन उनके निधन ने इस उम्मीद को भी तोड़ दिया है। इससे पहले 8 दिसंबर को चॉपर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। विमान में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें वरुण सिंह ही जीवित बचे थे। लेकिन अब उनकी भी मौत ने देश को बड़ा आघात दिया है।
पीमए मोदी ने भी दुख व्यक्त किया और संवेदना व्यक्त की
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया, ‘ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने पूरे गर्व, पराक्रम और पेशेवर क्षमता के साथ देश की सेवा की थी। उनके निधन से मैं बेहद दुखी हूं। देश के लिए उनके अमूल्य योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संदेवनाएं। ओम शांति।’ उनके निधन के बारे में वायुसेना ने भी जानकारी दी है। इंडियन एयरफोर्स ने ट्वीट कर बताया गया, ‘8 दिसंबर, 2021 को हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में जख्मी बहादुर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की जानकारी देते हुए हमें बेहद दुख हो रहा है। भारतीय वायुसेना उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है।‘
IAF is deeply saddened to inform the passing away of braveheart Group Captain Varun Singh, who succumbed this morning to the injuries sustained in the helicopter accident on 08 Dec 21. IAF offers sincere condolences and stands firmly with the bereaved family.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) December 15, 2021
भारतीय वायु सेना ने एक फिट जारी कर इस बात की जानकारी दी है। वायु सेना के अनुसार ग्रुप कैप्टन वरुण की छोटे गंभीर थी जिससे भी उम्र नहीं पाए।
ग्रुप कैप्टन वरुण को हादसे के बाद पहले वेलिंगटन मेंसेना के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बेंगलुरु के अस्पताल में शिफ्ट किया गया था