राजधानी के कोटरा सुल्तानाबाद स्थित करुणाधाम आश्रम स्थित महालक्ष्मी मंदिर में इस साल दीपावली की थीम माता के चरण, कमल और कलश रहेगी। मंदिर परिसर में जो लाइटिंग की जाएगी, उसका कलर लाल और सुनहरा होगा। मां लक्ष्मी की मूर्ति के लिए अहमदाबाद सूरत से विशेष श्रृंगारिक परिधान मंगाए गए है। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) में भगवान को नए परिधानों से सुशोभित किया जाएगा। माता लक्ष्मी के लिए लहंगा और चुनरी और भगवान नारायण के लिए कुर्ता-धोती और कोट अहमदाबाद से मंगाए गए हैं, इसकी लागत करीब 50 हजार रुपए है। इनमें चांदी के तार व कढ़ाई का विशेष उपयोग किया है।


करुणाधाम आश्रम के प्रवक्ता अजय कोतवाल के अनुसार पंडित जी महाराज सुदेश शांडिल्य के सानिध्य में दीपावली उत्सव  मनाया जाएगा। दीवाली पर मां लक्ष्मी का विशेष शृंगार किया जाएगा। साथ ही पूजा-हवन, सहस्रार्चन और महाआरती की जाएगी।

लाल और स्वर्णिम होगी विद्युत व्यवस्था
करुणाधाम आश्रम स्थित मंदिर में इस बार विद्युत व्यवस्था लाल और स्वर्णिम रहेगी। वहीं इस बार दीपावली की थीम माता के चरण रहेगी। मंदिर परिसर में रंगोली से कई स्थानों पर चरण बनाए जाएंगे। इनमें कमल व कलश की आकृति भी बनाई जाएगी। विद्युत सज्जा युक्त चरणों के फ्लेक्स भी लगे रहेंगे।

मां लक्ष्मी को पसंद है लाल रंग:
लाल और स्वर्णिम कलर माता लक्ष्मी को पसंद है। यह धर्म और अध्यात्म के प्रतिनिधि कलर भी माने जाते हैं। जहां चरण बनाए जाएंगे उनमें रंगोली से माता को चढ़ाए जाने वाले कमल पुष्प और शुभता तथा समृद्धि के प्रतीक की आकृति भी रंगोली से बनवाई जाएगी। धन-तेरस पर मंदिर परिसर में कई कंदील आसमान में उड़ाई जाएंगी।

धोती-कुरता और कोट पहनेंगे नारायण:
बिड़ला मंदिर के मैनेजर केके पाण्डेय ने बताया कि मंदिर में विराजमान माता लक्ष्मी के लिए लहंगा, चुनरी और भगवान नारायण के लिए कुर्ता धोती और कोट आदि वस्त्र अहमदाबाद से  तैयार कराकर मंगाए गए हैं। यह वस्त्र हर साल श्रद्धालुओं की ओर मंगाए जाते हैं।

इन वस्त्रों की लागत करीब 50 हजार है। रेशमी और कई अन्य प्रकार के वस्त्रों से यह परिधान तैयार कराए गए हैं। इन्हें आकर्षक बनाने इनमें चांदी के तार, गोटा व मोती का उपयोग किया है। मंदिर में दीपावली पर आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। गत वर्ष मथुरा से परिधान मंगाए गए थे।